### **जंगल की मिस्ट्री और घड़ी का भयानक सच** **लेखक: सोनू गुप्ता** --
### **जंगल की मिस्ट्री और घड़ी का भयानक सच** **लेखक: सोनू गुप्ता** --
### **जंगल की मिस्त्री और घड़ी का भयानक सच**
**लेखक: सप्तमी गुप्ता**
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#### **भूमिका**
यह कहानी एक ग्रामीण इलाके की सत्य घटना पर आधारित है, जो न केवल रोमांचित करती है, बल्कि जीवन के अनदेखे और सिद्धांत को जोड़ती है। कहानी हमें यह सिखाती है कि अज्ञात में की गई गलतियाँ हमें किस प्रकार संकट में डाल सकती हैं। इस कार्यक्रम का केंद्र विकास राय हैं, जो अपने मामा के गांव एक शादी समारोह में हिस्सा ले गए थे।
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#### **घटना का आरंभ**
विकास और उनके दोस्त की शादी में पैदल यात्रा के लिए निकले। उनका सहयोग था कि पास के गांव तक पैदल यात्रा का आनंद लिया जाए। में वे सड़क मार्ग से चलने लगे, लेकिन निर्माण कार्य के कारण अवरोध था। फिर उन्होंने सामुद्रिक और समुद्रतट के बीच का रास्ता चुना।
जंगल का रास्ता बेहद शांत और खोखला था। हालाँकि, दोस्तों की हँसी-ठिठोली ने सांता को प्रभावित किया। वे धीरे-धीरे जंगल के अंदर बढ़ते गए। अचानक, उनके समूह के एक युवा, रोहित, पेट दर्द की शिकायत रुक गई। उन्होंने कहा, *"तुम लोग आगे बढ़ो, मैं थोड़ी देर में आता हूं।"
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#### **घड़ी का रहस्य**
जब रोहित कुछ देर बाद भी नहीं लौटे तो दोस्तों ने उन्हें फिर से सोचने का फैसला सुनाया। वे जंगल में उस स्थान पर, जहां रोहित रुका था। वे उसे काम्पते और स्थिर अवस्था में वहीं पाए गए।
उन्होंने पूछा, *"क्या हुआ?"*
रोहित ने कम्पाटी आवाज में कहा, *"जब मैं यहां गया था, तो मुझे एक घड़ी पर अचानक हाथ चला गया। वह बहुत सुंदर थी, इसलिए मैंने उसे उठाने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही मैंने उसे हाथ में लिया, उसने अचानक से एक घड़ी पर हाथ घुमाया। केटों में बदल दिया गया।"*
इससे सभी के रोंगटे हो गए। दोस्तों ने रोहित को डेट करने की कोशिश की और उसे वहीं से बाहर ले जाने का फैसला किया।
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#### ** कैरिकेचर का विवरण**
जंगल से बाहर मॉनसून टाइम देम एक तस्वीर सामने आई है। जंगल में ग्राफिक्स ग्राफिक्स वाला था, लेकिन इसमें उन्होंने ईश्वर की मदद की। गाड़ी चालक ने उन्हें गाड़ी चलाने का संकेत दिया। रोहित को रिक्शे में असिस्टेंट दिया गया, जबकि बाकी लोग पैदल चलने लगे।
कुछ दूर जाने के बाद क्रू मेंबर ने रोहित से पूछा, *"तुम इतने डरे क्यों हो?"*
रोहित ने घड़ी की घटना को चालक दल के बारे में बताया। चालक दल ने अपना हाथ आगे करके पूछा, *"क्या वह मांस का टुकड़ा ऐसा था?"*
ये देखते ही रोहित जोर से चिल्लाया और बेहोश हो गया। जब उसके दोस्त वहाँ पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि कार चालक लापता हो गया था।
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#### **मारुति और मधुरी**
आगे बढ़ने पर उन्हें एक मारुति वैन स्टेक मिली। वे वैन चालक से मदद की छूट लेते हैं। ड्राइवर ने बैटमैन और रोहित को गाड़ी में बिठाया।
थोड़ी दूर जाने के बाद चालक दल ने रोहित से पूछा, *"क्या हुआ, तुम चिंतित क्यों हो?"*
रोहित ने पूरी इवेंट वैन ड्राइवर का विवरण दिया। सुनने के बाद वैन चालक ने अपना हाथ दिखाते हुए कहा, *"क्या उसके मांस का टुकड़ा ऐसा था?"*
रोहित एक बार फिर चिल्लाते हुए बेहोश हो गए। जब उसका दोस्त वहां गया तो वैन चालक भी गायब हो गया।
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#### **ट्रक और भय का चरम**
आगे रास्ते में उनका एक ट्रक मिला। उन्होंने ट्रक चालक की मदद से आरामदायक और पूरी घटना का विवरण दिया। ट्रक चालक ने उनकी मदद करने के लिए हमी भरी और रोहित को गाड़ी में बिठा लिया।
छोटी दूरी पर ट्रक चालक ने भी रोहित से पूछा, *"क्या उसके मांस का टुकड़ा ऐसा था?"*
अब तक रोहित को इतनी रकम चुकानी पड़ी थी कि वह गहरे समुद्र में चले गए थे।
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#### **डॉक्टर और मौत का रहस्य**
रोहित को एक रॉकेट रॉकेट ले जाया गया। डॉक्टर ने सबसे पहले उनसे की थी मुलाकात की कोशिश। जब रोहित सच में आए तो डॉक्टर ने उनसे पूछा, *"तुम इतने डरे क्यों हो?"*
रोहित ने कुछ नहीं कहा और कुशल बने रहे। इस पर डॉक्टर ने कहा, *"मुझे अकेले में बताओ।"*
डॉक्टर उसे बेस्ट के अंदर ले गया। अंदर डॉक्टर ने अपना हाथ दिखाते हुए पूछा, *"क्या उसके मांस का टुकड़ा ऐसा था?"*
डॉ और रोमानियाई से रोहित कहीं गिर गया। डॉक्टर ने बाहर से कहा, *"मैं इसे बचा नहीं पाया।"*
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#### **निष्कर्ष**
यह घटना सभी दोस्तों के लिए बेहद झकझोर देने वाली थी। उन्होंने शादी में न जाने का फैसला किया और रोहित के शव को लेकर गांव लौट आए।
इस कहानी से यह सिखाने का तात्पर्य है कि हमें छोड़ देना चाहिए और अन्नय वस्तु को हाथ से नहीं ले जाना चाहिए, विशेष रूप से ऐसे स्थान पर जहां प्रकृति और अज्ञात साम्राज्य का हो।
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### **लेखक परिचय**
**सोनू गुप्ता**
ससुर गुप्ता एक भारतीय लेखिका और किस्सागो हैं। वह देखते हैं कि कलाकार हैं और अपनी रचनाएँ वॉइस लिटरेचर और टॉकबैक तकनीक की मदद से बनाते हैं। उनकी कहानियाँ ग्रामीण जीवन, रहस्य और अंधविश्वास पर आधारित हैं। यह कहानी भी उनके सिद्धांतों पर आधारित है।

