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Man Singh Negi

Classics

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Man Singh Negi

Classics

उंगली करना

उंगली करना

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हमने अपने मित्र अमित से जो सीखा वह वास्तव में व्यवहारिक जीवन में सटीक बैठता है। 

हालाकि वह एक नामी कंपनी में बड़े पद पर आसीन है। 

बावजूद इसके उनके समझाने का तरीका इतना प्रभावशाली है। 

जिसे आसान भाषा में कुछ इस प्रकार आप भी कह

 सकते हो। 

हालाकि किसी को भी इस प्रकार से नही समझाना चाहिए। 

परंतु जो जिस भाषा में समझना चाहे उसे उस भाषा में समझाना जरूरी है। 

वरना वह समझ नही पाएगा। 

जिस भाषा में जिसे सीखने में आनंद आए उसे उसी भाषा में सिखाना चाहिए। 

नहीं तो वह यह समझेगा दूसरा हमे फालतू में ज्ञान बाट रहा है।

तभी पुष्पा रसोई से निकलकर कमरे में बुद बुदाते हुए बोली घर पर बैठे फालतू का ज्ञान नहीं तो और क्या बाँट रहे हो। 

तभी आप कार्यालय में सबकी बातें सुनते हो। 

क्युंकि आपकी फालतू बातों से लोग नाराज हो जाते होंगे। 

आपको अपने काम से काम रखना चाहिए। 

किसी को भी उंगली करने की क्या जरूरत है। 

मान जो अपनी कहानियां लिखने में मशगूल था। 

वह प्यार से बोला आप जाओ रसोई घर में कही रोटियां हमारी बातें सुनकर हम दोनों से जलने ना लगे। 

पुष्पा कार्यालय के कार्यो में आप भी उंगली ना करे तो बेहतर होगा।

क्युंकि हम जानते है कार्यालय में कब और कहा और किसको उंगली करनी है। 

पुष्पा घी सीधी उंगली से ना निकले तो उंगली टेढ़ी करनी ही पड़ती है। 

इस बात को आप भी मानती हो या नहीं। 

कभी आपने सुना है गधा अपनी मर्जी से कार्य करता हो। 

उसे समझाना पड़ता है। तुझे कार्य भी करने है। 

बैल कब भागता है। उसे उंगली करनी पड़ती है। तब वह सरपट दौड़ लगाता है। 

ये उंगलियां भी बड़े काम की होती है। कभी किसी पर उठ जाती है। कभी किसी को अपने इशारों पर नचवाती है। 

कभी दूसरे को उकसाती है। 

कभी दूसरे की गलतियों को बताने के लिए भी उंगली करनी पड़ती। 

आजकल लोग उंगली के इतने आदि हो चुके है। 

जब तक डंडा ना चलाओ कार्य करने के लिय तैयार नहीं होते। 

पुष्पा क्या आप यह बात नही मानती। 

पुष्पा ने मुस्कुरा कर कहा बात तो सही है। 

जब किसी को उंगली की जाती है। 

तब अपनी सोच पर आधारित होता है। वह उंगली करने को किस रूप में लेता है। 

कहने का तात्पर्य तब वह कार्य करने को तैयार होता है। 

कई व्यक्ति उंगली करने को अपनी निंदा समझते है। 

कई व्यक्ति उंगली करने को अपने लिय सुधार समझते है। 

उंगली करना कोई गलत बात नही है। 

उंगली करके दूसरो को अपमानित होने से बचाना भी समझा जा सकता है।

कहते है ना पांचों उंगलियां बराबर नहीं होती।

कोई उंगली कान में डालता है। कोई उंगली से नाक की सफाई करता है। 

कोई उंगली गलत स्थान पर डाल देता है। जिससे कार्य ना करने वाला भी तेजी से कार्य करने लगता है। 

कोई हंसी ठिठोली में भी उंगली करके दूसरो को गुस्सा दिलाता है। 

परंतु हमने जब भी किसी को उंगली की है। 

तो सिर्फ और सिर्फ उसके जीवन और भविष्य को सुधारने के लिए।

इस प्रकार उंगली करना वास्तव में दूसरो के लिए ही नहीं। 

अपितु सबके लिए लाभ दायक होता है। 

आप भी दूसरों को सुधारने और सीधे रास्ते में लाने के लिए उंगली करने से पीछे मत हटना। 

हालाकि हम जानते है किसी पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झाक लेना बेहद जरूरी है।

हम यह भी जानते है किसी पर उंगली उठाना आसान है। 

लेकिन जिम्मेदारी उठाना अत्यंत कठिन है। 

बावजूद इसके यदि उंगली किसी की भलाई के लिए उठ रही है। 

तो दुनिया क्या कहेगी वाली सोच को छोड़ कर उंगली करने से पीछे मत हटना। 

यदि बीमारी और बुरी आदत को नजरंदाज करते है।

तो वह दोनों ही रूप में दुखदायी होंगे। वह एक बुरा रोग बन जाएगा। 

इसलिए समय रहते उंगली करना बेहद जरूरी है। 


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