सासू मां का प्यार
सासू मां का प्यार
लाल जोड़े में सजी नीलम ने जैसे ही ससुराल की देहरी पर पांव रखा सारे रिश्तेनाते दारों में खुसर फुसर शुरू हो गई....
तब रमा जी ने ध्यान दिया नई बहू बायां पैर अन्दर रख रही थी। रमा जी ने तुरंत जाकर बहू के सर पर हाथ रख कहा...
"वैसे तो दायां और बायां से कुछ नहीं होता बस बेटा बहू का साथ प्यार और बराबरी वाला होना चाहिये पर फिर भी आज से अभी से मैं इस बिन मां की बच्ची को अपनी बेटी मान उसे वो सब कुछ सिखाऊंगी जो एक मां सिखाती है।
बचपन से मां के प्यार को तरसी नीलम की जिंदगी में वो प्यारा पल मां की कमी पूरी कर गया।

