रमा बाई
रमा बाई
रमाबाई की शादी नव वर्ष की उम्र में डॉ बाबा साहब अम्बेडकर के साथ हुई थी, मैट्रिक की परीक्षा में डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर पास हो गए तब एक महत्वपूर्ण घटना हुई थी, वो यह कि उनकी शादी 9 वर्ष की बालिका के साथ हुई थी, उस समय बाल विवाह का रिवाज था, ये सर्व मान्य रस्म चल रही थी, उनका विवाह का स्थल भी अजीब था, मुंबई का भाय खला का मार्केट था और वहा रात में बाज़ार बंद रहता था। तब बाज़ार का खुल्ला भाग विवाह के काम में उपयोग में लिया जाता था, रमाबाई और डॉ बाबा साहब अम्बेडकर की शादी का सफल विवाह का इतिहास में नाम दर्ज किया जाएगा, रमाबाई खुद डॉ. बाबा को साहब कह कर बुलाती थी।
डॉ. अंबेडकर को महान बनाने मे ये साध्वी, गुणवान स्त्री ने माँगे मुँह जो बलिदान दिया गया है वो लिखने से नहीं बल्कि अनुभूति होती है। दोनों एक दूसरे के लिए कितना प्यार करते थे, वो 1931 की घटना से ही जान सकते हैं।
1931 में गोलमेजी परिषद् में भाग लेने के लिए डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर जब लंदन गए थे तब अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी और बुखार, दस्त और उबके आने लगे थे, उनकी तबीयत बहुत खराब हो गई थी तब अपने सेक्रेटरी शिवतकर को बताया और कहा कि अपनी तबीयत के बारे में रमा को मालूम न हो उसे पता न चले उसकी तकेदारी रखे, नहीं तो वो बेचारी जानेगी तो मर जायेगी। डॉ अंबेडकर की पढ़ाई चल रही थी तब अछूत के लिए सामाजिक आंदोलन चल रहा था।
डॉ बाबा साहब अम्बेडकर को भाग्य वश रमाबाई जेसी महान पत्नी मिली थी। बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ा था लेकिन रमाबाई ने डॉ. बाबा को कभी परेशान नहीं किया गया। गृहस्थी उन्होंने संभाली थी। अमेरिका डॉ. बाबा साहब पढ़ने के लिए गए थे तब उनकी सुरक्षा के लिए प्रभु की प्राथना की थी। अम्बेडकर जब अमरीका पढ़ने के लिए गए थे तब रमाबाई पेट से थी, उन्होंने पुत्र को जन्म दिया था लेकिन वो बचपन में ही मर गया था। दूसरे पुत्र गंगाधर की मृत्यु भी बचपन में हुई थी, तीसरे पुत्र यशवंत जीवित था लेकिन उसकी तबीयत ठीक नहीं रहती थी। डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर के बड़े भाई का भी मृत्यु हो चुका था, उनका परिवार भी साथ रहता था, रमा बाई बहुत सहन शील थी वो मिल-जुलकर रहती थी। डॉ. अंबेडकर के उल्लास में कोई परेशानी न हो इस लिए ऐसी हर संभव कोशिश कर रही थी।
1920 में डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर लंदन पढ़ने के लिए गए थे तब बचा के रखे पैसे और 5000 रुपये कर्ज लेके आर्थिक मदद की। इसी तरह रमा भाई डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर के अभ्यास के लिए बहुत ही चिंतित थे।
उनकी जन्म तिथि 7 फरवरी को है। उन्हें वंदन।।
