STORYMIRROR

Dr. Gulabchand Patel

Inspirational

2  

Dr. Gulabchand Patel

Inspirational

पिताजी

पिताजी

1 min
138

मेरा जन्म किसान परिवार में हुआ था, मेरे पिताजी किसान थे किंतु बिना बारिश खेत में अन्न नहीं पैदा नहीं हो रहा था इस लिए वे कपड़ा मिल मे ड्यूटी पर अहमदाबाद जाते थे,

मेरा नाम उन्हों ने ही पाठ शाला में गुलाब चंद पटेल लिखवाया था, हम खेत में किताब लेकर जाते थे, बैल और भैस को चारा चराते थे,गांव की स्कूल में रिसेश मे बैल और भैस को पानी पिलाने तालाब ले जाते थे, फिर दौड़कर स्कूल में पढ़ने के लिए पहुच जाते थेमे 11 वी कक्षा में आया और पिताजी निवृत हो गए, पूरे परिवार की जिम्मेदारी हम पर निर्भर हो गया,हमने एक साल इंजीनियरिंग वर्क शॉप रेल्वे मे काम किया, हमने इन्हीं पैसो से बचत कर के अहमदाबाद में विजय ट्यूशन क्लास में हिस्सा लेकर बोर्ड की परीक्षा पास की ओर कॉलेज में प्रवेश लिया,हमने कॉलेज के साथ साथ चार साल बी ए स एल अहमदाबाद में सर्विस किया, इस दौरान शिक्षा कार्यालय अहमदाबाद में क्लर्क मे जॉब पाई, हमें सीधा भर्ती मे मुख्य क्लर्क की पद पर नियुक्‍त किया गया,


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Inspirational