STORYMIRROR

Reetu Singh Rawat

Abstract

2  

Reetu Singh Rawat

Abstract

राजनीति का दर्द

राजनीति का दर्द

2 mins
250

इस देश की राजनीति एक बाजार बन चुकी हैं हर कोई अपना माल बेचने के लिए दूसरे के माल को खराब बता रहा है खुद बेच नही सकता और दूसरे का माल खराब के गाने गा गा कर सुना रहा है आज कल राजनीतिक पार्टियों का यहीं हाल है कोई भी इंसान देश और देश वासियों के बारे में नहीं सोच रहा है बस में कैसे सत्ता पर बैठ कर और सत्ता की चाबी अपने कब्जे में कर लू दूसरे का खून चूस करऔर कैसे दूसरे की मेहनत की कमाई छीन कर अमीर बन जाऊं कल खाने को चावल नही थे और आज काजू बादाम की सब्जी खा रहे हैं कोई पूछे कैसे बनाई काजू बादाम की सब्जी बनाने के लिए कहा से आया पैसा पर आप सब जानते हैं चोर ही खा सकता है मेहनत करने वाले तो तीन टाईम की रोटी भी दो बार ही खाते हैं ये दुनिया की सबसे से बडी सच्चाई है पर आप मानेगे नही देश के सबसे बड़े चोर ये -------- है जो कुछ सालों में ही बैंको में करोड़ों नही, पता नही कितने ,जिसकी गिनती मुझे तो नहीं आती है उतने भर लेते है पर कोई पूछ नही सकता कि बता तो तेरे कौन से बाप ने दिए हैऔर हिम्मत भी किस की है जो मरने के लिए तैयार हो पर एक दिन पाप का घड़ा भर ही जाता है इसी लिए जिस जिस का घड़ा भर गया वो कचरे में पड़ा है चाहे कोई भी हो दुनिया में आए हो तो कम से कम इंसान तो बन ही जाओ और इंसान न भी बनो तो शैतान तो न बनो इस धरती पर जिसने जन्म लिया वो सब की है धरती तो माँ के समान है जो कभी कभी अपने ही शैतान बच्चों को देखकर रोती है और कहती है मुझे माफ करना कुदरत इंसाफ तू करना क्योंकि मैं तो माँ ,धरती माँ हूँ


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Abstract