Reetu Singh Rawat

Others

2  

Reetu Singh Rawat

Others

कोरोना

कोरोना

2 mins
145


 कोरोना की कहानी इतिहास के पन्नों पर लिख चुकी अपनी कहानी है, इंसाफ के कुछ पन्ने अभी भी अधूरे पड़े हैं अमीर गरीब सब से इंसाफ ले चुकी हैं अपना हिसाब किताब, कर्म का लेखा जोखा, सब ने चुकाया इसी धरती पर हिसाब किताब। विश्व को दिखाया आईने में सूरत, न पैसा न पावर काम आई सांसो के पढ़ गए लाले जिंदगी की असलियत सांसो की मोहताज सी नजर आने लगी तिजोरी के पैसों से ज्यादा ईश्वर के नाम की गिनती शुरू होने सी लगी। पर कुछ इंसाफ़ में जंग जीत कर जिंदगी उधार लेकर वापिस आ ही गए और कुछ मौत के साथ विदा हो गए और कुछ अधूरी कहानी छोड़ कर चले गए। जाने वाले को हम गले भी न लगा सके आंखें तो नम हुई गला भी भरा, पर डर ने अपनो को भी बेगाना से बना दिया। अपनो को हाथ लगाने से डर लगने लगा जिसने जीवन दिया उसको भी दूर से सलाम किया माँ बाप का प्यार भी कोरोना की बलि चढ़ गया। कौन सा कर्म जिंदगी ले गया। हसीन पन्नो की याद एक कड़वी दाव से भी अधिक दर्द दे गई भूख ने भी कई घरों को अंधेरे में बंद कर दिया न रोटी सस्ती न दवा मिली नौकरी भी चली गईं अमीर कोरोना से मर गया और गरीब भूख से मर रहा है अमीर ने गरीब का खून चूस ही लिया। जिंदगी भी बेरंग नजर आने लगी है न दिल घर में है न ही बाहर जिंदगी सुनी सी होने लगी है। कोरोना महामारी का सफर चलता चला जा रहा है अब किस की बारी है कोरोना तेरी कहानी इतिहास के पन्नों पर 2020 का जीत हार का खेल भी दिखा गई।  


Rate this content
Log in