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Shiv kumar Barman

Romance

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Shiv kumar Barman

Romance

प्यार की कश्ती

प्यार की कश्ती

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जग में प्यारे दुलारे 

हैं हम दो ही हस्ती !

खिवैय्या दरिया में,

चले प्यारकी कश्ती !!


सुख दुःख साथ हम

सदा के लिये रखते !

परेशानियां दो हाथ,

आनंद से हैं  चखते !!


प्रेम भाव है निस्वार्थ

जीवन हमारा किताब !

बेडर हैं यहाँ हम दोनो,

आता जाता सैलाब !!


नही शिकायत यहाँ

बोले बिना समझते !

सपने आँखो में है,

हर दम हम रीझते !!


नहीं डुबेंगी ये नैय्या,

होगा भवसागर पार !

भरोसा भगवान पर,

वह जो तारणहार !!



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