कौन कहता है कि तू चली गई है?
अभी अभी तो तूने
मेरे आंसूओं,
अपनी उंगली के पोरों पर ले कर पूछा था।
पर, मैं जवाब न दे सका।
तेरी निगाहों की याचना ने,
मुझे कुछ कहने ही नहीं दिया।
कैसे भूल जाऊं,
जब तू मेरे सर पर हाथ रख देती है।
जब मैं जागता हूं,
तब ही तू कहीं चली जाती है।
लोग कहते हैं, तू चली गईं हैं।
फिर कैसे, तू मुझे छू जाती है।