STORYMIRROR

Shiv kumar Barman

Tragedy

4  

Shiv kumar Barman

Tragedy

'' इंतजार "

'' इंतजार "

1 min
253


वृद्धा आश्रम के दरवाजे पर

बैठी बूढ़ी मां करती है

पल पल अपने बेटे का

आने का इंतजार किया करती है ।


तड़पती हुई उसकी आंखें

दरवाजे पर टिकी होती हैं,

भुला नहीं पाती वह

अपने बच्चों के प्रति अपना प्यार को ।


दिन महीने साल बीत जाते हैं

पर खत्म नहीं होता इंतजार,

हर पल दिल में

सजाए रखती है वो झूठी आस ।


इंतजार करते-करते

वह छोड़ जाती है यह संसार,

फिर भी बेटा नहीं

आ पाता उसके पास ।



Rate this content
Log in

Similar hindi story from Tragedy