STORYMIRROR

Shiv kumar Barman

Abstract Fantasy Inspirational

3  

Shiv kumar Barman

Abstract Fantasy Inspirational

जीवन की भाषा

जीवन की भाषा

1 min
3



इस जीवन में प्रेमिल भाषा ,
रहा सरल व्यवहार सा |
जहाँ प्रेम अधिकाधिक होता,
नही नियम आधार सा ||

नही भेद है ऊँच नीच का,
भाषा नही ये कोई चुनाव का |
प्रेमिल भाषा जो मुख आये,
बोल दिया वह भाव का |

ग्वाल- बाल सब सखियाँ कान्हा,
 गाली देत हजार |
जहाँ प्रेम अधिकाधिक होता,
नही नियम आधार || 

तूतू मैं मैं भाषा होती,
झगड़ा होय अपार |
क्षण पल बीते पुन: सभी  में,
आये  खेल बहार |

नही किसी में बैर भाव था,
रहते सब तैयार |
 जहाँ प्रेम अधिकाधिक होता,
नही नियम आधार || 

कृष्ण सुदामा चरित देख लो,
शुद्ध सरल आचार |
कृष्ण चरण रत प्रेम सुदामा,
 बना मित्र सरकार |

कभी चरण रज कृष्णा लेता,
कभी सुदामा यार |
जहाँ प्रेम अधिकाधिक होता,
नही नियम आधार ||  

अमरनाथ सोनी


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Abstract