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Shiv kumar Barman

Abstract Fantasy Inspirational

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Shiv kumar Barman

Abstract Fantasy Inspirational

दिल डर जाए

दिल डर जाए

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पवन जोरों से चले, दिल डर जाए।

तेज हवाओं से दहले, दहशत भर जाए।

बचपन से ही आंधी-तूफान से, दिल मेरा बहुत घबराए।

पवन जोरों से चले, दिल डर जाए।


हे ईश्वर रोको इस आंधी तुफान को, यह घरों और पेड़ों को है गिराए।

हे ईश्वर बचाओ इस सृष्टि को, कही प्रलय ना आ जाए।

पवन जोरों से चले, दिल डर जाए......


मांगी है दिल से दुआ तुमने, देखता हुं कुछ कर पाउ।

मुझे भावुक किया है तुमने, काश वरुण देव को रोक पाउ।

हे वरुण देव शांत हो जाओ, कही सृष्टि तबाह ना हो जाए।

स्वयं पर काबु पाओ, कही समय से पुर्व प्रलय ना आ जाए।


पवन जोरों से चले, दिल डर जाए।

तेज हवाओं से दहले, दहशत भर जाए।

बचपन से ही आंधी-तूफान से दिल मेरा बहुत घबराए।

पवन जोरों से चले, दिल डर जाए।


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