I'm Shiv kumar and I love to read StoryMirror contents.
कौन कहता है कि तू चली गई है? अभी अभी तो तूने मेरे आंसूओं, अपनी उंगली के पोरों पर ले कर पूछा था। कौन कहता है कि तू चली गई है? अभी अभी तो तूने मेरे आंसूओं, अपनी उंगली के पोरों पर...
इस जीवन में प्रेमिल भाषा , रहा सरल व्यवहार सा | जहाँ प्रेम अधिकाधिक होता, नही नियम आधार सा | इस जीवन में प्रेमिल भाषा , रहा सरल व्यवहार सा | जहाँ प्रेम अधिकाधिक होता, नही नि...
आप सब को करवाचौथ की बहुत बहुत बधाई खुश रहिए सब अपने अपने हमसफर के साथ। आप सब को करवाचौथ की बहुत बहुत बधाई खुश रहिए सब अपने अपने हमसफर के साथ।
मानवता के मर्म की, मैं जलती हुई मशाल हूं। मानवता के मर्म की, मैं जलती हुई मशाल हूं।
बचपन से ही आंधी-तूफान से दिल मेरा बहुत घबराए। पवन जोरों से चले, दिल डर जाए। बचपन से ही आंधी-तूफान से दिल मेरा बहुत घबराए। पवन जोरों से चले, दिल डर जाए।
जिन्हें हमारी कद्र नहीं हम उनसे रिश्ता निभाते क्यों हैं। जिन्हें हमारी कद्र नहीं हम उनसे रिश्ता निभाते क्यों हैं।
इतना मशगूल था बस तेरे ख्याल में, ये कहां चला आया मैं, इस हाल में। इतना मशगूल था बस तेरे ख्याल में, ये कहां चला आया मैं, इस हाल में।
अपनी बंसी से कान्हा जी राधा की ही धुन करते रहते हैं। अपनी बंसी से कान्हा जी राधा की ही धुन करते रहते हैं।
गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा, पड़ा था हमारा हिन्दुस्तान। गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा, पड़ा था हमारा हिन्दुस्तान।
दिन महीने साल बीत जाते हैं पर खत्म नहीं होता इंतजार। दिन महीने साल बीत जाते हैं पर खत्म नहीं होता इंतजार।