तेरे ख्याल में
तेरे ख्याल में
1 min
292
इतना मशगूल था बस तेरे ख्याल में,
ये कहां चला आया मैं, इस हाल में।
पूछती है पता दुनिया दिलबर का मेरे,
खबर उन्हें नहीं हूं मैं जिसके ख्याल में।
रोज़ आते हैं वो मुझसे मिलने के लिए,
ज्यों देख लिया करता हूं चांद थाल में।
नाम तो उनके शहर का याद नहीं मुझे,
लौट आता है हर ख़त बस फटे हाल में।
कोशिश करता हूं तुझे रंगों में उकेरने कि,
थम जाती है तूली देख तिल तेरे गाल में।
फिर आए तीरथ धाम हर मजहब के,
तेरे हवाले हूं अब रखे तू जिस हाल में।
थम जाते हैं दौरे महफिल इक तेरे बिन,
वर्ना गुजरती है रात बस इस मलाल में।
