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अनिकेत को समझ नही आ रहा था कि इस अंत का गुनहगार किसको ठहराए! अनिकेत को समझ नही आ रहा था कि इस अंत का गुनहगार किसको ठहराए!
१६० रुपये की उम्मीदो पर १०० रुपए का जो तुषारापात हुआ वो दो दिनों के बाद बिक्री होने के संतोष के आगे ... १६० रुपये की उम्मीदो पर १०० रुपए का जो तुषारापात हुआ वो दो दिनों के बाद बिक्री ह...