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Ajay Singla

Romance

4  

Ajay Singla

Romance

प्रेम त्रिकोण

प्रेम त्रिकोण

4 mins
634


सुनील दिल्ली के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढता था।वो बहुत ही हंसमुख लड़का था और पढाई में भी काफी होशयार था।वैसे तो क्लास में सभी से उसकी अच्छी दोस्ती थी पर क्लास की दो लड़किओं अनु और पलक से उसकी बहुत पटती थी।इन तीनों का एक ग्रुप बन गया था और वो जहाँ भी जाते इकट्ठे ही जाते थे।कैंटीन में भी वो घंटों बैठे रहते और गप्पें मारते थे।पलक थोड़ा कम बात करती थी पर वो सुनील और अनु की बातों को अंदर से काफी एन्जॉय करती थी।अनु कुछ ज्यादा ही बोलती थी पर सुनील को उस की बातें बहुत भाती थीं।सुनील मन ही मन अनु को प्यार भी करने लगा था पर इजहार करने से डरता था।उसे अभी तक अनु के दिल की बात का पता नहीं था।जब अनु उसकी तरफ देख कर हंसती थी तो उसे लगता कि वो भी उससे प्यार करती है पर कभी कभी वो सोचता था कि कहीं ये सिर्फ दोस्ती तो नहीं | 


ऐसे ही मस्ती में दो साल बीत गए और उनकी दोस्ती और भी गहरी होती गयी।अब तीनों एक दूसरे के घर भी आने जाने लगे थे।सुनील की बहन भी दिल्ली में ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ती थी और उसकी भी अनु और पलक से अच्छी दोस्ती हो गयी।बातों बातों में उसे सुनील के दिल की बात भी पता चल गयी।एक दिन उसने सुनील को अपने दिल की बात अनु को बताने के लिए कहा।पहले तो सुनील बहुत हिचकिचाया पर फिर उसने सोचा कि कभी न कभी तो ये बात उसे अनु से करनी ही है तो उसने सोचा की अगले दिन वो अनु को अपने दिल की बात कह देगा | 


अगले दिन जब वो कॉलेज पहुंचा तो पलक उस दिन कॉलेज नहीं आयी थी।अनु और सुनील कैंटीन में बैठे चाय पी रहे थे।सुनील थोड़ा घबराया हुआ लग रहा था और बहुत असहज महसूस कर रहा था।वो अनु की प्रतिक्रिया को लेकर डर भी रहा था।अनु को भी सुनील का व्यवहार कुछ अटपटा सा लगा और उसने सुनील से पूछ ही लिया कि क्या बात है।पहले तो सुनील कुछ बोला नहीं पर फिर उसने अनु का हाथ अपने हाथ में लेकर झट से आई लव यू बोल दिया।यह सुनते ही अनु एक दम से सकपका गयी।पहले तो उसे लगा कि सुनील वैसे ही मजाक कर रहा है पर जब उसने सुनील की आँखों में गंभीरता देखी तो उसने झट से अपना हाथ खींच लिया और सुनील को बोली कि वो उसे सिर्फ एक अच्छा दोस्त मानती है और वो वहां से चली गयी | 


सुनील का दिल टूट गया था और वहां पर उसे ढांढस बधांने के लिए पलक भी नहीं थी।वो सीधा अपने घर आया और बहुत देर तक रोता रहा।उसने अपनी बहन को भी सारी बात बता दी और वो उसे समझाने लगी पर सुनील ने फ़ोन रख दिया।अगले दिन जब सुनील कॉलेज आया तो उसने सारी बात पलक को बताई।पलक ने उसे शांति से समझाया और वो कुछ कुछ समझ भी गया | अब वो दोनों ही कैंटीन में इकट्ठे बैठते थे।अनु किसी और ग्रुप में चली गयी थी।जब कभी अनु सुनील के सामने भी पड जाती थी तो सुनील को बहुत गुस्सा आता था।जिसे देखकर पहले उसका चेहरा खिल जाता था वही चेहरा अब उसे चिढ़ाने लगा था | 


पहले वो जो बातें अनु से किया करता था व अब पलक से करने लगा था।कभी कभी तो जब पलक उसे समझाती थी तो वो अपना सर उसके कंधे पर भी रख देता था।अनु के होते हुए जो एहसास पलक के दिल में दबे हुए थे वो धीरे धीरे बाहर निकलने लगे।वो अब सुनील से प्यार करने लगी थी।हालाँकि सुनील के दिल में उसके लिए अभी भी दोस्ती के ही भाव थे | 


एक दिन पलक जब कैंटीन में सुनील के साथ बैठी थी तो थोड़ी घबराई हुई लग रही थी।सुनील को भी उसकी हरकतें कुछ अटपटी लग रही थी।थोड़ी देर बाद उसने पलक से पूछ ही लिया की क्या बात है।अब सब वैसे ही हो रहा था जैसे पहले हो चुका था।पलक ने सुनील का हाथ अपने हाथ में लेकर झट से आई लव यू बोल दिया।सुनील एक दम से सकपका गया और हाथ छुड़ाकर बस इतना ही बोल पाया कि अनु हम सिर्फ दोस्त हैं और ये कहकर वो वहां से चला गया।अब दिल टूटने की बारी पलक की थी | 


घर जाकर सुनील अब ये सोचने लगा की वो अनु से अब इतनी नफरत क्यों करता है जब कि उसने भी पलक के साथ वही किया है जो अनु ने उसके साथ किया था।उसे लगा कि अगर अनु उससे प्यार नहीं करती या वो पलक से प्यार नहीं करता तो क्या वो दोस्त भी नहीं रह सकते।अगले दिन जब वो कॉलेज गया तो उसने अनु और पलक से मिलकर दोंनो को समझाया कि क्यों नहीं हम पहले की तरह ही अच्छे दोस्त बनकर रहें | उन दोनों को भी ये बात ठीक लगी और तीनों फिर से अच्छे दोस्त बन गए |


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