STORYMIRROR

Happy{vani} Rajput

Abstract

2  

Happy{vani} Rajput

Abstract

पापा मेरे हीरो

पापा मेरे हीरो

1 min
49

आज शर्माजी ने जब दफ्तर में खाने का डिब्बा खोला तो डिब्बे में से एक छोटी सी पर्ची निकली जिस पर लिखा था -

मेरे पापा वीर बड़े, कोरोना के साए में बढ़े चले, 

किसी वीर सिपाही से खुद को कम न समझना,

घर के लोगों की रक्षा हेतु, खुद होना सदा आगे खड़े,

रखना खयाल पापा अपना, शाम को जल्दी आके मिलना

मेरे पापा वीर बड़े, पापा मेरे हीरो बड़े.... 

आपका बेटा चीकू!

जिसे पढ़ कर शर्मा जी की आंखें नम हो गईं।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Abstract