मनमानी
मनमानी
वर्किंग वूमन हॉस्टल में बिसलेरी की अंतिम बोतल भी खत्म हो गई थी और स्टाफ का इस और ध्यान ही नहीं गया था। जब एक महिला बाहर लगे हैंडपंप से अपनी बोतल में पानी भरने आई तभी-
"सुनिए, रुकिए," वॉचमैन उन्हें देखकर, हड़बड़ाते हुए दौड़कर, आगाह करने आया।
"क्यों, क्या हुआ?"
"आप बोरवेल से पानी, पीने के लिए या सफाई के लिए निकाल रही हैं?"
"पीने के लिए, क्यों?" महिला ने उसकी ओर संशयात्मक दृष्टि से देखा।
"यह पानी, पीने योग्य नहीं है।" उसने बताया।
"लेकिन इस पर तो पीने योग्य पानी का निशान ही लगा है।"
"हाँ, निशान तो लगाया है, लेकिन गलत तरीके से।"
"आपको कैसे पता?"
"इस बाबत मेरे ही सामने बात हुई है।"
"कैसी बात?"
"किसी अभियान के अंतर्गत, कुछ लोग इसका पानी टेस्टिंग के लिए लेकर गए थे।"
"और टेस्ट रिपोर्ट ने पानी की गुणवत्ता को नकार दिया। है न?" वॉचमेन की बात को बीच में ही काटते हुए, उस महिला ने बात पूरी की।
"हाँ मेडम, सही है।"
"फिर उसके अनुरूप निशान न होने का कारण?"
"वह क्या है न..., दरअसल..., इसके मालिक है न..., मेडम, आपको भी पता होगा न!"
