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Sajida Akram

Abstract

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Sajida Akram

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लिलीपुट

लिलीपुट

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ये केरेक्टर वैसे तो बहुत लुभावने होते है|रुमी एक ऐसा ही छोटे क़द का इंसान था हमारे मौहल्लै में लेकिन था बहुत हंसमुख अक्सर देखा है उसकी हाइट की वजह से हर एक के लिए सॉफ्ट टारगेट बन जाता कोई भी उसका मज़ाक उड़ाता पर वो अपनी इस कमी को भी बख़ूबी स्वीकार कर के भले ही अंदर से तकलीफ़ में होता पर लोगों को हंसता रहता |

उसने दर्द को छुपा कर लोगों के लिए तरह -तरह के करतब दिखता जोकर तक बन जाता हम उसके साथी कभी उसके मज़ाक उड़ाने वाले से झगड़ लेते तो रूमी कहता तुम क्यों बुराई लेते हो ईश्वर ने मुझमें कमी दी है तो ही छुट्नकु , ओए बौने इस तरह के उच्चारण ही तो करते हैं|

उन्हीं दिनों फिल्मों में लिलीपुट फेमस हो गया तो हमारे दोस्त "रूमी " लोग इस नाम से भी चिढ़ाने लगे एक दिन हम सब बैठे थे इतने मौहल्ले का गुंडागर्दी करने वाले गुप्र के लड़के उधर आ निकले रुमी को सताने लगे कहते हैं चल जोकर कुछ कर के दिखा हम तुझे पैसे देंगे|

मदारी बंदर को नचाता है नाच धक्के देने लगे थोड़ी देर तो बेचारा रुमी टालता रहा पर वो तो नशेड़ी थे |भय्या ऐसे मत करो ठीक है मैं छोटा क़द वाला हूँ पर वो नहीं माने मारने लगे रुमी को बुरी तरह ज़ख्मी कर दिया हम

दोस्त भी कुछ मदद नहीं कर पाए वो बहुत ज़्यादा थे और अमीरों के बेटे थे!हम दो ही थे उनको इतने पर भी शांति नहीं हुई तो एक रईसजादों ने पिस्टल निकाल कर मासूम रूमी की एक टांग पर फायर कर दिया और भाग लिए |

हम दोस्त जैसे- तैसे अस्पताल ले गए डॉक्टर ने पुलिस केस बता दिया हम दो दोस्तों ने उसकी माँ जो बहुत ग़रीब थी उसे बुलाया उसके पैर की गोली तो निकाल दी पर वो अपाहिज़ हो गया उस दिन हम दो दोस्त को लगा ग़रीब की कहीं सुनवाई नहीं है पुलिस ने उसकी माँ की नहीं सुनी और वो अमीरज़ादें वैसे ही गुंडागर्दी करते रहे|


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