Apoorva Singh

Classics


4.5  

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कभी खुशी कभी गम

कभी खुशी कभी गम

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भारतीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (नई दिल्ली )में विदेश से आने वाली एक टूरिस्ट एना डिसूजा भारत की सर जमीं पर अपना पहला कदम रखती है।

आ आखिर हम इंडिया पहुंच ही गया कहते हुए एना खुश होकर गहरी सांस ले हवा को महसूस कर मुस्कुराती है। कितना सुखद एहसास है एना ने खुद से कहा।और एयरपोर्ट से बाहर निकल कर अपना सामान के साथ दिल्ली के एक रॉयल होटल में चेक इन करने के लिए निकल जाती है।

"हमको कल सुबह आगरा का ताजमहल देखने जाना है।तो हमको उसके लिए सुबह ही निकलना होगा"। एना ने फोन पर अपनी मां से कहा जो दूर विदेश में एना के सकुशल पहुंचने के बारे में पूछ रही थी। मां तो आखिर मां ही होती है फिर चाहे वो भारतीय हो या विदेशी।बच्चे की चिंता तो हर मां को होती है।

एना "माय स्वीट हार्ट' हम जानता कि तुम अपना ध्यान अच्छे से रख सकता है।लेकिन "बेबी" फिर भी अपना ध्यान रखना।मैंने किसी के मुख से सुना हुआ है इंडिया में चोरी बहुत होता है।तो तुम अपना पासपोर्ट वीजा बहुत ही सम्हाल कर रखना।और अगर कोई भी परेशानी हो तो एम्बेसी में कॉन्टैक्ट करना ठीक है।

ओके मॉम।हम ध्यान रखेगा।you don't worry. I will be menege everything.। love you mom. And take care. कह एना फोन रख देती है और डिनर वगैरह कर रेस्ट करने लगती है।

अगले दिन वो फ्लाइट ले आगरा एयरपोर्ट पर पहुंचती है।और वहां से अपना हैंड बैग ले कर बाहर निकलती है।और सड़क पर खड़े हो बुक की हुई कैब का इंतजार करने लगती है।

कुछ ही देर में उसके सामने सफेद रंग की चमचमाती गाड़ी आकर रुकती है। एना ऑफिशियल जानकारी प्राप्त कर उसमे बैठ जाती है और वो कैब ड्राईवर गाड़ी को ताज रोड पर दौड़ा देता है।रास्ते में एना इंटरनेट के जरिए ताजमहल के  आसपास घूमने वाली जगहों के बारे में भी सर्च करती जाती है।

कुछ मिनटों बाद कैन ड्राईवर गाड़ी रोक देता है।

एना - आपने अभी गाड़ी क्यूं रोका? ताज महल तो अभी काफी दूर है।

ड्राईवर - मैडम । इससे आगे कैब से जाना अलाउ नहीं है अगर आपको जाना है तो आप यहां से ई रिक्शे में चली जाईए।

ओके ओके। सॉरी सॉरी। हम भूल गया था। आपने पहले ही बताया था। एना ड्राईवर से कहती है और कैब से नीचे उतर आती है।

अपना बैग मजबूती से होल्ड कर एना ई रिक्शा करती है और ताज परिसर में कदम रखती है।जहां वो टिकट लेकर एक गाइड के साथ परिसर में प्रवेश करती है।पूरे ताज का दीदार कर वो कैमरा मेन से कह ताज के सामने वाली बेंच पर बैठ फोटो क्लिक करती है।और अपने मोबाइल से भी कुछ पिक्चर लेती है।एवम् बाहर आ जाती है। एना वापस जाने के लिए आगरा के ताज रोड पर दोबारा से कैब के इंतजार में खड़ी होती है।वो अपने एक हाथ में मोबाइल पकड़ कर पिक्स देख रही होती है कि तभी उसके सामने से एक बाइक गुजरती है जिस पर दो लोग बैठे हुए होते हैं।दोनों ने अपने फेस को कवर कर रखा होता है।सारी फोटोज देख एना अपना फोन रखने के लिए बेग की पकड़ थोड़ी ढीली करती है।वो बाइक थोड़ा आगे जा कर मोड़ से दोबारा मुड़ती है और इस बार वो बाइक चालक बाइक को एना के सामने लाता है।उसके पीछे बैठा हुआ व्यक्ति झटके से हाथ बढ़ा एना का बैग पकड़ता है और झपट कर छीन लेता है। एना कुछ समझ पाती उससे पहले ही वो दोनो बाइक ले रफूचक्कर हो जाते है।

हेल्प..। चोर..। हमारा बैग चोरी कर लिया..। नहीं नहीं छीन लिया..। समबड़ी हेल्प..? कहते हुए एना उसी दिशा में भागने लगती है।प्लीज हेल्प..। हमारा बैग..। प्लीज हेल्प...। कहते हुए एना आगरा की सड़क पर दौड़ जाती है।लेकिन उन तक नहीं पहुंच पाती है।

ओह गॉड..। ये इंडियन थीफ हमारा बैग छीन कर ले गया।जिसमें हमारा मोबाइल पासपोर्ट वीजा और भी पहचान का कागज रखा था। एना चिल्ला कर दौड़ते हुए लोगो से कहती है।लेकिन कोई उसकी। मदद नहीं करता वो दौड़ते हुए थक जाती है और वही सड़क के किनारे बनी हुई लोकल बस स्टॉप पर रुक जाती है।

मॉम सच कहता है। यहां इंडिया में चोरी बहुत होता है। चोरों का देश है ये इंडिया..। मेरा सारा इंपॉर्टेंट सामान उस बेग में चला गया। गॉड प्लीज हेल्प मी। प्लीज हेल्प मी। एना अपने दोनो हाथ प्रे कि मुद्रा में जोड़ आंखे बंद करती है .. और गॉड प्लीज हेल्प मी। प्लीज हेल्प मी..। बडबडाने लगती है।

बस स्टॉप पर बस आकर रुकती है तो एना बस कंडक्टर के पास जाकर कहती है, " नमस्ते। हमारा नाम एना। हम मुसीबत में है हमें मदद चाहिए। प्लीज हमारा हेल्प कर दो हमें यहां के नेयरेस्ट पुलिस स्टेशन में ड्रॉप कर दो। हमे हमारा बेग का चोरी होने का कम्पलेन करना है। एना की बात सुन कर पहले तो वो एक सरसरी नजर उसपर डालता है मानो कि वो आंखो से ही उसके बदन के नाप का अनुमान लगा रहा हो।वो अपने होठों पर जीभ घुमाते हुए कहता है मै आपकी मदद जरूर करता लेकिन क्या है कि अभी मै ऑन ड्यूटी हूं इसीलिए बस अपने रूट से होकर गुजरेगी।आपको बस में बैठ कर तनिक इंतजार करना होगा।

इसके देखने के तरीके से एना को उसकी नीयत पर संदेह होता है।लेकिन फिर बस में लोगो का हुजूम देख वो हिम्मत कर बैठ जाती है।अपने देश अपने लोगो से दूर एक अनजान जगह पर सिर्फ भारतीय संस्कृति के भरोसे की डोर पर वो सब समझते हुए भी सफ़र करने लगती है।

बस आगे बढ़ती है और वो कंडक्टर एक बार फिर से एना की तरफ देख जहरीली मुस्कान होठों पर रखता है और सभी से टिकट कलेक्ट करने लगता है।कुछ आगे चलने पर एना की नजर बस की खिड़की से एक पुलिस चौकी पर पड़ती है।लेकिन बस के नहीं रुकने पर वो सब समझ जाती है और अगले स्टॉप पर बस के रुकने का इंतजार करने लगती है।स्टॉपेज पर बस जैसे ही रुकती है वो फुर्ती से लोगो की भीड़ में शामिल हो निकल जाती है।बस कंडकटर मुंह बाए उसे देखता है और वो नीचे खड़े हो उसे घूरते हुए आगे बढ़ जाती है।

एना आगे बढ़ती है और पुलिस चौकी पहुंचती है ।

हेलो ऑफिसर । प्लीज़ हेल्प। एना ने कहा।

ऑफिसर एना को देखता है और उससे पूछता है कि वो उसकी क्या मदद कर सकता है।

एना - आई लॉस्ट माय बैग। हमारा कहने का मतलब था कि ताजमहल देख कर आते समय हमारा बेग दो लोग छीन कर ले गया।वो दोनो मोटर साईकिल पर था।उस बेग में हमारा पासपोर्ट वीजा और भी इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट था।

एना को हिंदी बोलता हुआ देख इंस्पेक्टर हैरान हो पूछता है आपको हिंदी आती है।

हां। हिंदी, आता है।यहां इंडिया आने के लिए सीखा था। एना ने कहा।

ओके।। आप परेशान नहीं होइए मै आपकी पूरी मदद करूंगा।कहते हुए इंस्पेक्टर ने एना के हाथ पर हाथ रखा।उसके इरादों को समझ एना चिंहुक कर दूर खड़ी हो जाती है।वो घूरते हुए इंस्पेक्टर को देखती है और फुर्ती से बाहर निकल आती है।

वो वहां से पैदल ही निकलती है और चलते हुए थोड़ी भीड़भाड़ वाली जगह से एक छोटे से पार्क में आ जाती है।और वहां एक खाली पड़ी बेंच पर उदास हो बैठ जाती है।एक विदेशी पर्यटक जो भारत भ्रमण के लिए आई है कुछ अप्रिय घटनाओं के कारण उसे यहां आने के निर्णय पर अफसोस होता है।

परेशान हो वो खुद से कहती है, हमारा इंडिया आना हमारा लाइफ का सबसे बुरा डिसीजन रहा।इंडिया का कल्चर के बारे में सुन कर हम यहां आने का सोच लिया।लेकिन जब यहां पर आया तो हमे पता चला कि यहां के लोग ग्रीडी, चोर और कैरेक्टर लूज है।यहां बिना स्वार्थ का कोई किसी का मदद नहीं करता है।

हमारा मोबाइल हमारा पर्स हमारा पासपोर्ट सब छीन लिया।अब हम घर वापस कैसे जाएगा।हमारा मॉम हमारे लिए परेशान हो रहा होगा।वो हमसे कॉन्टैक्ट करने के लिए ट्राई भी कर रहा होगा।

गॉड। प्लीज़ हेल्प मी।।एना बडबडाने लगती है।

उसकी बड़बड़ाती उसी पार्क में मौजूद एक कपल सुनता है।वो उठ कर उसके पास आते हैं और उससे कहते है।

राधे राधे । आप हमे कुछ परेशान दिख रही है। क्या हम आपकी कुछ मदद कर सकते हैं?

उनकी बात सुन एना एक क्षण के लिए चुप हो जाती है।वो समझ नहीं पाती है कि भरोसा करे या न करे।।

एना को चुप देख कर लड़का उससे कहता है,मेरा नाम माधव है।मै यहां अपनी दोस्त मीरा के साथ घूमने आया हूं।आप चाहे तो अपनी परेशानी हमसे शेयर कर सकती है।हम आपकी मदद करने का पूर्ण प्रयास करेंगे।

उन्हें हाथ जोड़ राधे राधे करते देख एना मन ही मन सोचती है शायद ये लोग गॉड कृष्णा का डिवोटी है।तभी राधे राधे कह रहा है।हमने सुना है कि भारत में ' राधे राधे ' शब्द का यूज हेल्लो के तौर पर किया जाता है।

एना उनसे कहती है, राधे राधे। हमारा नाम एना डिसूजा है हम कल शाम को इंडिया घूमने के लिए आया था।आज ताजमहल घूम कर लौट रहा था कि रास्ते में दो चोरों ने हमारा हाथ से हमारा बैग छीन लिया। उसमे हमारा सारा जरूरी सामान था।हमारा मोबाइल, हमारा पासपोर्ट आइडिएंटिटी प्रूफ।।सब चोरी हो गया।कहते हुए उसकी आंखो में आंसू आ जाते हैं।

आप परेशान नहीं होइए।और रोइए तो बिल्कुल नहीं।आप अवश्य ही अपने घर पहुंचेगी।हमसे जितना होगा हम आपकी मदद अवश्य करेंगे।कहते हुए मीरा एना को गले लगा लेती है।

एना को कुछ बेहतर महसूस होता है।वो उसके गले से अलग होती है।मीरा और माधव दोनों एना की मदद करते हुए पहले पुलिस स्टेशन जाते है जहां वो उक्त घटना की रिपोर्ट लिखवाते है।

मीरा - अगर आपको कोई परेशानी नहीं हो तो आप हमारे साथ रुक सकती है। हम यहां के कॉलेज कैंपस में एक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आए हैं।आप हमारे साथ चल सकती है।वहां काफी बड़े और सम्मानित व्यक्ति आए हुए हैं।हम अपने प्रोफेसर सर से बात करेंगे हमे उम्मीद है कि वो आपकी मदद अवश्य करेंगे।

एना - थैंक्स। हम चलेगा।

तीनों वहां से कैंपस पहुंचते है और अपने प्रोफेसर सर से बात करते हैं। एना की पूरी बात सुन कर प्रोफेसर उसे मदद का पूरा आश्वासन देते है।वो एम्बेसी में अपने एक जानकार को फोन करते है और उसे सारी परिस्थिति से अवगत कराते हैं।

जानकर उन्हें बताता है कि इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है।हम अवश्य उनकी मदद करेंगे।उन्हें यहां आना होगा।और कुछ आवश्यक जानकारी हमे प्रोवाइड करानी होगी।जिसके आधार पर हम उनके देश में स्थित इंडियन एम्बेसी से संपर्क कर वेरिफिकेशन कराएंगे।अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो ये वापस अपने देश में जा सकेगी।

उम्मीद की किरण देख प्रोफेसर के साथ साथ मीरा माधव और एना के चेहरे पर भी मुस्कान आ जाती है।वो एना को अपने बाकी के दोस्तो से भी मिलाते हैं।और एना को संगीत प्रस्तुति के जरिए भारतीय कल्चर से रूबरू कराते हैं।

अगले दिन दोनों एना की मदद करते हुए उसे दिल्ली के लिए विदा करते हैं।माधव उसे अंजू दी का पता देते है जिससे कि वो उसका काम होने तक दिल्ली में बीना किसी परेशानी के उसके साथ रुक सके।

जाते जाते एना भावुक हो जाती है और मीरा के गले लग उससे कहती है ' मीरा माधव हम आपका ये अहसान कभी नहीं भूलेगा '।आपने हमे हमारा घर पहुंचाने में मदद किया।अपने घर जाकर हम अपनी मां को बोलेगा कि वहां इंडिया में हमारा दोस्त है मीरा और माधव।

एना की बात सुन मीरा मुस्कुराते हुए उससे कहती है, " जी , सही कहा आपने। हम मित्र ही तो है पड़ोसी मित्र।लेकिन उससे पहले एक इंसान है।और एक इंसान ही दूसरे इंसान के काम आता है इसी को इंसानियत कहते हैं।हम चाहते है आप हमारे इस सुन्दर से देश से अच्छी यादें लेकर जाए इसीलिए हम आपके लिए कुछ लाए है कहते हुए मीरा अपने हाथो में पकड़ी हुई आराध्य भगवान कृष्ण की छोटी सी प्रतिमा एना को देती है।और उससे कहती है

इनसे आप अनजान नहीं होगी।ये हमारे आराध्य भगवान श्रीकृष्ण है। वही जिनके जीवन में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग थे।लेकिन इन्होंने महत्व सिर्फ अच्छाई को दिया।इसी तरह हमारी आपसे विनती (रिक्वेस्ट) है आप भी हमारे देश से अच्छी यादें लेकर जाए।और वापस इंडिया फिर से घूमने जरूर आए।।

मीरा की बात सुन एना अपने आंसू पोंच्छते हुए कहती है।हम समझ गया मीरा। सब समझ गया। हमें खुशी है कि यहां हमारे पास तुम जैसा दोस्त मिला है तो वो देश बुरा नहीं हो सकता..। इन कृष्ण की तरह ही हमे अच्छाई को महत्व देना चाहिए।आज एक बहुत अच्छी सीख दिया तुम हमे।

कहते हुए एना उसके गले लग जाती है।।और नम आंखो से वहां से विदा हो जाती है।कुछ दिनों बाद उसके वापस जाने की सारी प्रोसेस पूर्ण हो जाती है।तो वो जाते जाते एक बार फिर मीरा माधव और भगवान कृष्ण तीनों से मिल कर अच्छी यादों के साथ अपने देश जाती है।


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