Dr Jogender Singh(jogi)

Abstract


4.2  

Dr Jogender Singh(jogi)

Abstract


जंगली फल (कईन्थ)

जंगली फल (कईन्थ)

1 min 3.1K 1 min 3.1K

कईन्थ का झाड़नुमा पेड़ , हम बच्चों को स्नैक्स देता। हरी छोटी छोटी पत्तियां , बड़े बड़े कांटे (शूल) छोटे छोटे हरे से काले होते फल , जो मीठे होते। कुरकुरा मीठापन। पेड़ पर चढ़ने का मतलब शरीर का छिलना तय। पेड़ को हिला कर फल झाड़ना सबसे सुरक्षित । परन्तु पेड़ के नीचे कांटे पड़े होते। जब पैर में घुसते तो जूते का तला पैर के साथ चिपक जाता। निकालते ही खून की धार बहने लगती। फिर भी रोज़ का शगल था , कईन्थ खाना। इसी पेड़ पर नाशपाती की कलम चढ़ाई जाती। नाशपाती ज़्यादा रसीली , ज़्यादा बड़ी होती ,पर कईन्थ का कुरकुरापन नहीं होता । नाशपाती को एक सम्मान मिला हुआ है, उसकी मार्केट वैल्यू भी है। कईन्थ भूला बिसरा फल है , जंगली फल , हम जंगली बच्चों का। मज़बूत बच्चों का।


Rate this content
Log in

More hindi story from Dr Jogender Singh(jogi)

Similar hindi story from Abstract