STORYMIRROR

Man Singh Negi

Abstract Fantasy Inspirational

3  

Man Singh Negi

Abstract Fantasy Inspirational

दो गुरु

दो गुरु

5 mins
203

जब भी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर जाता हूं। कुछ ना कुछ नया सीख कर आता हूं। 


हमारी सीखने की ललक ने हमें छोटी-छोटी बातों से अपने लिए बहुमूल्य जानकारियाँ सीखने के लिए मजबूर कर दिया है। 


वैसे कहते तो यह भी है सीखने की कोई उम्र नहीं होती। 


पूजा ने कहा सीखने की ललक आपकी तरक्की के सारे दरवाजे खोल देती है।


वह सीखने की ललक ही है। जो आपको बूढ़ा नहीं होने देती।


पुष्पा ने पूछा आज आपने व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से क्या सीखा है।


मान ने कहा व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी जिसे झूठ का हवाई अड्डा भी कहा जाता है। 


वही बहुत सी ऐसी जानकारियां सीखने पर मजबूर करती हैं। 


जिसे आप और हम व्यवहारिक जीवन से यदि जोड़ कर देखेंगे। तो निश्चित तौर पर पाएंगे व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।


जब आप व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के ज्ञान को व्यवहारिक ज्ञान के साथ तुलनात्मक अध्ययन करते हैं।


तब बहुत सी सटीक जानकारियां व्यवहारिक ज्ञान से मेल खाती हैं।


आशा ने कहा जीजा जी आप व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का ज्ञान बांटते चले जा रहे हो।


परंतु आप यह बताने में असफल हो कि आपने व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से क्या ज्ञान प्राप्त किया है।


मान अपनी साली आशा का कोई जवाब दे पाते।


उससे पहले ही उनकी पत्नी पुष्पा ने पूछा अब बता भी दो व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से आपने आज क्या सीखा है।


मान इस प्रश्न को सुनकर खिलखिला कर हंस दिए। 


पूजा ने बड़ी बेताबी से पूछा जीजा जी आप बता क्यों नहीं देते। 


आपने आज क्या सीखा वह सीख हो सकता है। हमारे जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण हो। 


जिससे हम भी वह ज्ञान प्राप्त करके अपने जीवन को सरल बना सकें। 


मान इस प्रश्न को सुनकर ठहाके मार के हंसने लगा। 


मान ने अपनी हंसी को होंठों के द्वारा रोकने का भरसक प्रयास किया।


परंतु जब नथुने फूल जाते हैं। तब हंसी कहा रूकती है। 


वह भी अपनी पत्नी पुष्पा के सामने हंसी ना रुकना पुष्पा की भृकुटी को चढ़ाने का निमंत्रण दिया था। 


किसी तरह मान ने अपनी हंसी को नियंत्रित करते हुए कहा व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से वैवाहिक जीवन की बहुत सी दिलचस्प जानकारियां प्राप्त हुई है। 


जिनमें से एक तो ऐसी है। जिसे सुनकर आप भी कुछ कह पाने में अपने आप को असमर्थ ही पाएंगे। 


पूजा ने पूछा वह जानकारी कौन सी है। जिसका जवाब हम नहीं दे पाएंगे। 


मान ने कहा जब आप सब इतनी जिद कर रहे हो। तो आप ही बताएं मां और पत्नी दोनों ही गुरु के समान है। दोनों ही एक से बढ़कर एक गुरु है। यह सर्व विदित है।


भारतीय अपने अपने गुरु का मान सम्मान करने से नहीं चूकते। 


मान ने पूछा आप ही बताएं क्या आप में से कोई ऐसा है। जो गुरु को आदर ना देता हो। 


इस बार पूजा आशा पुष्पा अमित और सुमित सब एक साथ बोल पड़े। 


गुरु का सम्मान तो सबको करना ही पड़ेगा।


कहते हैं ना गुरु बिन ज्ञान ना होए। 


गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागे पाव। 


मान ने इस दोहे को कुछ इस प्रकार पूरा किया। 


बलिहारी गुरु आपनो, जिन गोविंद दियो बताय।


हालांकि मान का कहना है वह 2 गुरुओं के बीच में जब तब फस जाता है। आशा साली ने पूछा आप कौन से दो गुरुओं के बीच में फस जाते हो। 


मान ने कहा वैवाहिक पुरुष दो गुरु के बीच में अपने आप को फंसा हुआ पाता है। 


पूजा अमित और सुमित ने बड़ी धीमी आवाज में पूछा वैवाहिक पुरुष दो गुरु के बीच में कैसे फंस जाता है।


मान ने कहा जैसे मकड़ी अपने ही जाल में फंस जाती है।


ठीक उसी प्रकार वैवाहिक पुरुष दो गुरु के बीच में तालमेल बैठाते बैठाते इस प्रकार फंस जाता है। 


जैसे दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोई।


मान ने कहा हम ही नहीं यह समस्त संसार उन दोनों गुरु का आदर भी करता है, सम्मान भी देता है। उनसे बहुत कुछ सीखता रहता है।


पूजा ने पूछा वह दो गुरु कौन है। कौन है जिन्हें आप बार-बार समझाना चाह रहे हैं। परंतु ना जाने क्यों हम सबको गोल गोल घुमाए जा रहे हैं।


मान ने कहा मां पहली गुरु है। पुष्पा ने पूछा दूसरे गुरु कौन है। मान की हंसी छूट गई तब आशा साली ने कहा दूसरी गुरु तुम हो दीदी।


इस बार सब खिलखिला कर हंस दिए। 


पूजा ने पूछा मां और पत्नी किस प्रकार से गुरु हो सकते हैं।


मान ने कहा यह सबसे अच्छा प्रश्न है।


आखिर मां और पत्नी किस प्रकार से गुरु हो सकते हैं।


पूजा आपने भी गौर किया होगा विवाहित पुरुष को हमेशा मां अक्सर कहती है। बीवी ने पाठ पढ़ाया है। जबकि पत्नी अक्सर कहती है मां से सबक सीख कर आया है। 


परंतु दोनों ही गुरु की उपाधि लेने से इंकार करते हैं।


इस जवाब को सुनकर एक बार फिर सब खिलखिला कर हंस दिए। 


ऐसे ही ढेर सारी मिसाले हैं यदि विवाहित पुरुष मां की तरफ झुकता है। तब पत्नी बुरा मान जाती है। जब विवाहित पुरुष पत्नी की तरफ झुकता है तब मां बुरा मान जाती है।


यह स्थिति जीवन में ठीक उसी प्रकार है  


जैसे वह मधुर गीत कहता है एक को मनाओ दूजा रूठ जाता है। 


पूजा और सभी ने इस बात को सहर्ष स्वीकार किया। विवाहित पुरुष का जीवन दो गुरु के बीच में चलता है।


जिसमें वह दोनों पलड़ो में संतुलन बैठाने का प्रयास निरंतर करता रहता है।  


जैसे साइकल के दोनों पहियों में उचित दूरी उचित हवा उचित टायर ट्यूब का होना अत्यंत आवश्यक है।


जीवन के वैवाहिक सफर में दोनों ही गुरु को हम बारंबार नमस्कार करते है।  


दोनों ही गुरु घर की सुख संपत्ति घर की समृद्धि और खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए ता उम्र प्रार्थना करते हैं।


मान ने कहा दोनों हम दोनों गुरु का सम्मान करते हुए दोनों हाथों को जोड़कर शत शत नमन करते हैं।


इतिश्री


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Abstract