Richa Baijal

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Dear Diary : Day 5

Dear Diary : Day 5

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डिअर डायरी ,  २९।०३।२०२० 


कोरोना पीड़ितों की संख्या १०५० तक पहुँच गयी है । आपको हर एक दिन में आपकी सलामती के १४ दिन जोड़ने हैं । आप एक दिन बच गए तो बच गए वाली बात ही नहीं है ।और सरकार का ये २१ दिन का लॉक डाउन जहाँ दूरदर्शन के पुराने चलचरित्रों का पुनः प्रसारण करा रहा है , वहीँ हर पल दिल कोरोना से सहम रहा है । मीडिया पलायन करते मज़दूरों का दर्द दिखा रहा है । और दिल बस घटते हुए कोरोना पेशेंट्स का नंबर देखना चाहता है । फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण का ये फैसला कि सभी मज़दूरों के पैसे खाते में आएंगे हम बैंकर्स का सरदर्द बढ़ा रहा था । आज सारा दिन खुद की'केयर ' करने में निकल गया । अपने रूम की बेडशीट बदली , घर के कपड़े धोये और बर्तन धोये ।  शिमलामिर्च मूवी देखी और मारिओ को इनस्टॉल करने की कोशिश की । बिल्लू और पिंकी की कॉमिक्स पढ़कर लगा कि अब ये वाकई में बचपना -सा है।ऑनलाइन लूडो खेलने की कोशिश की कभी तो कभी वीडियो चैटिंग में अपनों के खुशनुमा चेहरे देखे ।


बहुत दिन हुए घर से निकले हुए ऐ खुदा !

हूँ कैद मैं घर ही मैं , पर ख्वाहिशें ज़िंदा 

अब तैर कर उस पार जाने का मन है 

कर कुछ करम तू ही , कि मन तो है आज़ाद परिंदा !!



गुड नाइट , डिअर डायरी।


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