Richa Baijal

Abstract Inspirational


4.6  

Richa Baijal

Abstract Inspirational


शुक्रिया शिक्षक !

शुक्रिया शिक्षक !

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ज़िन्दगी हर समय सीखने का एक क्रम है। न खिलाफत कोई और न वकालत कोई, एक निरंतर न टूट ने का सलीका !और इसी क्रम को रोचक बनाते -शिक्षक। शिक्षक दिवस को बताने समझाने समझाने वाला भी वही, और ज्ञान का केंद्र भी वही। 

गुरु गोविन्द दोनों खड़े, काके लागूं पाँय।

बलिहारी गुरु आपने, गोविन्द दियो बताये।।

शिक्षा की बात हो, शिक्षकों की बात हो,और उसे संभव करते कबीर के इस दोहे का ज़िक्र न हो, भला ये कैसे मुमकिन है ?मेरे सामने गुरु और भगवान दोनों ही खड़े हैं, तब मैं किसके चरणों का वंदन करूँ ? संभव है, कि अज्ञानी मनुष्य भगवान का पूजन करे, किन्तु जो शिक्षित है वह गुरु का वंदन सर्वप्रथम करेगा क्यूंकि उसे भगवान तक पहुँचने का रास्ता दिखाने वाला शिक्षक ही है, अन्यथा शायद ही वो कभी भगवान को पा सकता था।

हर उस व्यक्ति #ThankYouTeacher को दिल से धन्यवाद जो मेरे जीवन में प्रेरणास्त्रोत बनकर आया, और उसने अपने अनुभव से मुझे कुछ न कुछ सिखाया।

धन्यवाद शिक्षक!!

मानवीकरण के विकास का 'आभार ' हो तुम

 बहुत महत्वपूर्ण, मेरे जीवन का 'विकास 'हो तुम 

शिक्षक ! मेरे आधार हो तुम, बहुत ख़ास हो तुम !


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