STORYMIRROR

Rohan kumar Danderwal

Drama

5.0  

Rohan kumar Danderwal

Drama

ज़िन्दगी किस ओर जा रही है

ज़िन्दगी किस ओर जा रही है

1 min
488


ना जाने जिन्दगी

किस ओर जा रही है।


कुछ समझ नहीं आता

रोज़ यू ही वक्त गुज़र जाता है।


मुकाम हासिल होगा

या सिर्फ़ मुसाफिर रह जाऊँगा।


आखिर जिन्दगी किस ओर

जा रही है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama