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Jyoti Verma

Abstract Fantasy

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Jyoti Verma

Abstract Fantasy

युग : एक सदा अतीत की : एक बात भविष्य की

युग : एक सदा अतीत की : एक बात भविष्य की

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एक युग बीत गया, एक युग आने को है !

बीत गया जो छोड़ गया वो

कुछ अच्छी कुछ बुरी सी यादें

कुल मिला के खट्टी मीठी सी बातें 

कुछ अनुभव बनी कुछ सिर का ताज भी

कुछ ने दिये दिलों को ज़ख्म गहरे भी 

कुछ हो अवसाद बनी जंजीरे 

रोटियां सेंकने की तरकीबें 

एक युग बीत गया, एक युग आने को है !


जो बीत गया उसपे या हम नाज करेंगे 

या फिर उफ़ शुक्र है बीत गया का नाद करेंगे 

इससे ज्यादा अब बीत गए पे कुछ न होगा 

या अफसोस करेंगे, या हाथ खड़े करेंगे 

या फिर नतमस्तक हो आभारी होंगे 

हाँ, आने वाले पे आस धरेंगे 

जो सीखा है, उसको अपनाने का प्रयत्न करेंगे

अच्छा चला तो फख्र करेंगे नहीं तो सिर पे हाथ धर के 

जो बीत गया वो ही अच्छा था कुछ ऐसा कहेंगे 

आने वाले पे लेकिन अब हम आस धरेंगे 

और बीतने वाले से कुछ बेहतर कर चलेंगे 

एक युग बीत गया, एक युग आने को है !



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