यह उसके आखिरी शब्द थे
यह उसके आखिरी शब्द थे
तुझे कोई प्यार नहीं करेगा,
तू जी या मर क्या फर्क पड़ेगा,
यह उसके आखिरी शब्द थे,
जिन्हें सुनकर हम निशब्द थे।
जिंदगी ने जब समझ लिया,
उसे उसी के रास्ते छोड़ दिया।
कुछ न कहा चुप ही रहे,
सदियों से जिसे प्यार किया।
अब देखना अपने दिल को है,
बेइंतहां प्यार जिसको है,
वो याद करे या हम याद करें,
ऐसा होगा विश्वास किसको है।
अब दूरियों का गिला न शिकवा,
दिल के चिरागों को बुझाती हवा,
न राह में कोई इंतजार होगा,
न गमों का कोई हिसाब होगा।
