STORYMIRROR

Alok MS

Abstract Classics Inspirational

4  

Alok MS

Abstract Classics Inspirational

ये हिन्दुस्तान किसी के...

ये हिन्दुस्तान किसी के...

1 min
4

हां माना कि ये हिन्दुस्तान किसी के बाप का नहीं है,

चलो ठीक है, इसमें भी कोई बात नहीं है,

ये भी माना, कि खून मिला है इस मिट्टी में सबका,

पर देखो, खिलाफत, मोपलाह और नौख़ाली वालों का,

खून तो शायद इस देश के साथ नहीं है,

पर, चलो ठीक है कोई बात नहीं है,

जलाते है जल जाने दो नालंदा सा इसको,

क्यूंकि एक दल, शायद, तुम्हारे हिसाब का नहीं है,

चलो सही है आखिर ये हिंदुस्तान किसी के बाप का नहीं है।।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract