Alok MS
Romance Others
मैं हारूँ दिल या ये जान वार दूँ,
है खूबसूरत तू इतना, इस दिलकशी को कैसे न प्यार दूँ।
शून्य के मधुर...
ऐ दिल तू यूँ ...
बातें हैं यह ...
तुझे कैसे न म...
सत्य और आभास
वक़्त और मसरूफ...
विरक्ति और शू...
यज्ञ और आहुति...
धर्म और सत्य
यह पल जो साथ ...
उस पर मेरा कुछ ऐसा एतबार था कि आंखों ही आंखों में हमारा प्यार था। उस पर मेरा कुछ ऐसा एतबार था कि आंखों ही आंखों में हमारा प्यार था।
सुनो, इस सोमवार तुम सुनहरे किनारे वाली लाल साड़ी पहनना। सुनो, इस सोमवार तुम सुनहरे किनारे वाली लाल साड़ी पहनना।
बेपरवाह और खुद को खातिर उसकी भूलना भी गँवारा किया है। बेपरवाह और खुद को खातिर उसकी भूलना भी गँवारा किया है।
हर मुस्कान का राज अब तुम से ही मेरे जीवन की हर खुशी भी अब तुमसे ही. हर मुस्कान का राज अब तुम से ही मेरे जीवन की हर खुशी भी अब तुमसे ही.
समझ लेना हमें हमेशा तुम जैसे हम हमेशा समझते है... तुम्हें! समझ लेना हमें हमेशा तुम जैसे हम हमेशा समझते है... तुम्हें!
दीये की जोत है प्रेम.... इबादत है प्रेम.... यकीनन सादगी में लिपटा पावन है प्रेम.... दीये की जोत है प्रेम.... इबादत है प्रेम.... यकीनन सादगी में लिपटा पावन है...
तुम न होकर भी हर फूल की महक में हो। तुम नहीं हो फिर भी ऐसा लगता है जैसे तुम हो। तुम न होकर भी हर फूल की महक में हो। तुम नहीं हो फिर भी ऐसा लगता है जैसे तुम ह...
सब को प्यार करने को ... सबको अपना मानकर गले मिलने को ..! सब को प्यार करने को ... सबको अपना मानकर गले मिलने को ..!
एक बार आ जाओ प्रियतम याद तुम्हारी आती है। एक बार आ जाओ प्रियतम याद तुम्हारी आती है।
मेरी नज़र के नज़रों में तुम नज़र आने लगे हो मेरी नज़र के नज़रों में तुम नज़र आने लगे हो
..तुम तो बस एक ख्याल थे जैसे कोई जादू थे तुम। ..तुम तो बस एक ख्याल थे जैसे कोई जादू थे तुम।
नसीब से मिली तू मुझको मेरी नजरों से नजरे नहीं मिलाती तू नसीब से मिली तू मुझको मेरी नजरों से नजरे नहीं मिलाती तू
पति पत्नी का दिया बाती सा साथ हो सुख दुःख में हो साथ निभाने वाला अथाह प्यार। पति पत्नी का दिया बाती सा साथ हो सुख दुःख में हो साथ निभाने वाला अथाह प्यार।
सपनों की दुनिया को, मैं सच्चा प्यार समझ बैठा। सपनों की दुनिया को, मैं सच्चा प्यार समझ बैठा।
कहीं कल ऐसा ना हो की उसके पास आपको देने के लिए वक़्त ही ना हो ! कहीं कल ऐसा ना हो की उसके पास आपको देने के लिए वक़्त ही ना हो !
ये कैसी फैंटेसी बना ली तुमने ? मेरा ज़िस्म मचल उठा जिसे पढ़ बार - बार। ये कैसी फैंटेसी बना ली तुमने ? मेरा ज़िस्म मचल उठा जिसे पढ़ बार - बार।
दीदार हुआ, मुस्कुराया और मुझे गले से लगा लिया और पास की एक दुकान से जूस ऑर्डर कर लिया। दीदार हुआ, मुस्कुराया और मुझे गले से लगा लिया और पास की एक दुकान से जूस ऑर्डर...
सावन का पवित्र मास अतुलनीय है, तीनों लोक में भी प्रशंसनीय है। सावन का पवित्र मास अतुलनीय है, तीनों लोक में भी प्रशंसनीय है।
मंज़िल पाकर अपनी अहमियत को न भूल जाना; जो आज है उसमे अपने कल को ना भूल जाना। मंज़िल पाकर अपनी अहमियत को न भूल जाना; जो आज है उसमे अपने कल को ना भूल जाना।
तेरी आँखों मैं वो जो हंसी रहती है, कुछ बात है। जो तेरे दिल से निकल ज़ुबां पर आना चाहती तेरी आँखों मैं वो जो हंसी रहती है, कुछ बात है। जो तेरे दिल से निकल ज़ुबां पर ...