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Dashrathdan Gadhavi

Romance Fantasy Inspirational

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Dashrathdan Gadhavi

Romance Fantasy Inspirational

याद तुम आये..

याद तुम आये..

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आज फिर, याद तुम आये, 

मेरे मन मस्तिष्क मे हो छाये

आज फिर, याद तुम आये। 


अंगुरी का आगमन ज्युं लता वेली पर, 

चांदनी शीतल चंद्र गगन हेली पर 

ज्युं नभ मे बादर आकर छाये, 

आज फिर, याद तुम आये। 


आया जवार भाटा, आज साहिल में, 

फन फन उभरा, हर्षित समंदर 

कांठो पर उनके जब छिप बह आये, 

आज फिर, याद तुम आये। 


सीतारो भरा, गगन आंगन,आंचल

जब, नाची विभावरी नटखट, 

ग्रह सभी एक साथ मुस्काए 

आज फिर, याद तुम आये। 


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