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Dashrathdan Gadhavi

Abstract

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Dashrathdan Gadhavi

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बड़भागी हूं मैं

बड़भागी हूं मैं

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बड़भागी हूं मैं ,

क्या किरदार मिला निभाने को।


बहुत ही दर्द भरी कहानी ये, 

जाहिर हे सब , ना हे कुछ छिपाने को। 


गिला  शिकवा क्या करे निर्माता से, 

कि बहुत सारी चीजे दी सताने को।


ढेरो कंटीले रास्ते हैं ओर टुक पर्वत, 

हैं सब तैयार, सफर मे मुझे हराने को। 


दशरथ यार आंसू तो दो चार निकाल, 

जरुरी हे ये, दुनिया मे दर्द दिखानेको। 


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