याद हमेशा तुम आओगे
याद हमेशा तुम आओगे
जिन राहों को छोड़ चुके हो , भूल उन्हें क्या तुम पाओगे?
सच कहता हूँ उन राहों में, याद हमेशा तुम आओगे ।।
टूटे सपनों में सपनो का, एक सुखद मधुमास लिखा है ।
मैंने मिट्टी के अंदर भी , जीवन का विश्वास लिखा है ।
जब बिखरोगे ठोकर खाकर, तुम भी मुझमे घुल जाओगे....
सच कहता.......।।
हँसते गाते बीते मौसम, सुख- दुख के कुछ वीराने भी ।
मन की भोली दुनिया वाले, भूले-बिसरे अफसाने भी ।
याद करोगे मन ही मन में, तड़पोगे भी घबराओगे...
सच कहता.........।।
प्यास नही बन सका मगर हाँ, तुमको प्यास बनाया तो है ।
उन अधरों की एक हँसी पर, सागर को ठुकराया तो है ।
तुम आँखों के खारे जल से, कैसे प्यास बुझाओगे.....
सच कहता ...........।।

