याद है मुझे
याद है मुझे
वो चादर की सलवटों से आती भिनी सी खुशबू तेरी...
वो सांसों की नरमियों से झलकती इश्क़ की गहराई तेरी...
वो सांझ की रोशनियों में दिखती धुंधली सी परछाई तेरी...
वो बिखरी ज़ुल्फों में लिपटी सुबह की अंगड़ाई तेरी....
आज भी याद है मुझे !

