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Ritu Rahar

Abstract

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Ritu Rahar

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ममता

ममता

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मां क्या होती है,

ये तो मां बन कर ही

समझ आता है...


तेरे होने से सब रौशन....

ना होने से रेगिस्तान

नजर आता है....


रातों को जाग कर

तूने मुझे सहलाया था...

खुद कुछ खाए बिना

भी मुझे दूध पिलाया था !


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