STORYMIRROR

Ritu Rahar

Romance

2  

Ritu Rahar

Romance

बेजार मोहब्बत

बेजार मोहब्बत

1 min
482

अब ना कोई शिकायत है,

और ना ही कोई ग़म...

ये कैसा इश्क़ है तुम्हें हमसे कि,

ना रहे अधूरे और ना पूरे हुए हम।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance