STORYMIRROR

Ritu Rahar

Tragedy Inspirational

4  

Ritu Rahar

Tragedy Inspirational

माहवारी एक महामारी

माहवारी एक महामारी

1 min
301

लड़कों को लगता है कि ये लड़कियों को होने वाली एक बीमारी है,

लड़कियों को लगता है- कि वो पाप की भागीदारी है,

ना छूना तुम अचार को, ना कहना हर त्योहार को,

स्कूल की कर लेना छूट, बात नहीं ये होती अच्छी!


चुप चुप के जन तुम शौचालय तक,

भनक ना लगे किसी को, मुंह पे अपने ताला रख,

विज्ञान की तौहीन कर, अंधविश्वासों से पला नाता है,

पीढ़ी दर पीढ़ी यही कहा जाता है, तथ्य किसको भाता है!


पढ़ी लिखी एक स्त्री ही तो, मूल इसका समझेगी,

बीमारी नहीं, प्रमाण है ये,

श्रृष्टि इसी से चलेगी !!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy