STORYMIRROR

Radhamohan Pujahari

Romance

3  

Radhamohan Pujahari

Romance

याद आती हो तुम

याद आती हो तुम

1 min
289

धरती की इस हरियाली में

सूरज की धूप भरी प्याली में

याद आती हो तुम....


हँसते हुए फूलों की कली में

जनपथ की सुनसान गली में

याद आती हो तुम....


गुनगुनाते भँवरों की टोली में

दिल की हर भाषा की बोली में

याद आती हो तुम....


मस्त-मौला हवा पूछने लगी

वह है कौन ?

वह है कौन ?

कैसे कहूँ उसे कि

"तुम तुम ही हो"...

न जाने तुम बिन ये दिल भी 

आज क्यों है मौन ?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance