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Sneha Srivastava

Tragedy

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Sneha Srivastava

Tragedy

"वक़्त को हक़ है "

"वक़्त को हक़ है "

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वक़्त को हक़ है की वो आपसे छीन ले

चेहरे की मुस्कुराहट, दिल की नर्माहट

रिश्तों की गर्माहट

वक़्त को हक़ है।

वक़्त को हक़ है की वो आपसे छीन ले

मासूम शर्माहट

मिलने की तड़प की छटपटाहट

उत्सुकता और अकुलाहट

वक़्त को हक़ है।

वक़्त को हक़ है की वो आपसे छीन ले

वो श्रृंगार, वो बनावट

वो रूप की सजावट

वक़्त को हक़ है।


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