STORYMIRROR

Shweta Mishra

Tragedy

2  

Shweta Mishra

Tragedy

वो

वो

1 min
93

आज वो चला गया तो लोग उसे कोसने लगे,

फंदे पर लटकने से पहले न जाने उसने खुद को कितना कोसा होगा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy