STORYMIRROR

अशोक जोशी

Romance Fantasy Inspirational

4  

अशोक जोशी

Romance Fantasy Inspirational

वो पल

वो पल

1 min
524

याद है वो पल,

जब नज़रें हुई थी चार,

खामोशियों का आलम था,

कहनें को बहुत कुछ था,


पर जुंबा कुछ कह न सकीं,

दुरियाँ जो थी दरमियाँ हमारे,

नजदीक भी न आसके,

बस नज़रों ही नज़रों में,


बातें हो गई, न समझी तुम,

न हम ही समझ सकें,

तुफान सा उठा था,

दिल में तुम्हारे भी हमारे भी,


भूला ना सकेंगे वो पल,

जिंदगी भर के लिए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance