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Yashwant Rathore

Tragedy Others

3  

Yashwant Rathore

Tragedy Others

वो मेरा दोस्त गया

वो मेरा दोस्त गया

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वो मेरा दोस्त गया, बड़ा उदास हो के गया


उसकी वो चेहरे की मायूसी

कुछ न कह पाने की मजबूरी


वो मेरा दोस्त, हाय बड़ा निराश हो के गया।


वो खुशहाल था, जब सब साथ था

वो दोस्त, वो बातें, वो चाय, वो रातें, 

वो प्यार, वो अपना सा परिवार 

वो मस्ती, वो समय जैसे सदाबहार।

वो वक़्त जब अपने हाथ था।


वो मेरा दोस्त, कितनी यादें साथ ले के गया।

वो मेरा दोस्त, हाय बड़ा निराश हो के गया।


एक दिन वो अकेला हो गया,

जब हमसफ़र साथ हो गया

वो साथी पास न रहे, वो लम्हे हाथ न रहे।

हाय ये कैसा समय

जब कुछ न थामने को रहा न कुछ बांधने को रहा


वो मेरा दोस्त, बड़ा बेचैन हो के गया गया ।

हाय इस जीवन से वो बड़ा परेशान हो के गया। 


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