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Chandresh Kumar Chhatlani

Romance

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Chandresh Kumar Chhatlani

Romance

वो हमारे इस तरह आने का सबब पूछेंगे,

वो हमारे इस तरह आने का सबब पूछेंगे,

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वो हमारे इस तरह आने का सबब पूछेंगे,

खैरियत मेरी नहीं, कैसे हैं बाकी सब पूछेंगे।


लकीरें खिचेंगी खुशी की मन की दीवारों पे,

आँखों में सख्ती का तब हम सबब पूछेंगे।


दुआएं उनकी देखी है मैनें हर इक शै में,

लबों औ हर्फों में बददुआ का अदब पूछेंगे।


फ़रियाद से लबरेज़ अश्क रूक ना पायेगें,

हो गया कैसे उनमें नज़ारा-ए-रब पूछेंगे।


ज़ाहिर है जो चेहरे से उसको छुपा दें कैसे,

बन गया कैसे सलीके का मज़हब पूछेंगे।


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