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Harat Kumar

Tragedy


4.0  

Harat Kumar

Tragedy


विरोध करना है

विरोध करना है

1 min 186 1 min 186

खेल राजनीति का खेल रहे, नेता और विजेता हैं

गरीब भूखा सो रहा, किसान खुद ही मर रहा

लाज लूट रही नारी की, बढ़ रही बेरोजगारी भी

शिक्षा के मंदिर में भी, अब घुस गए अत्याचारी हैं

देश का अब कौन रखवाला है??

सहना नहीं अब हमें,

विरोध करना है, आगे बढ़ते रहना है।


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