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Meenaz Vasaya. "મૌસમી"

Fantasy

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Meenaz Vasaya. "મૌસમી"

Fantasy

" विरानी भी गुलशन हो गई।"

" विरानी भी गुलशन हो गई।"

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हर लम्हा मेरा महके जिंदगी में होने से तेरे,

तूने दिए जलाए दिल में प्यार के, दूर हुए अंधेरे।

तुम पतझड़ में भी महकता गुलशन हो मेरा,

तुम्ही से रोशन मेरा सांझ और सवेरा।

मुस्कान से तेरी इंद्रधनुष को भी रंग मिला,

मेरी जिंदगी भी रंगीन हो गई जब तूने थामे हाथ मेरे।

तू साथ होता है तो खुशियों का मंजर मेरे पास होता है,

जब तू होता है साथ तो आम दिन भी हो जाते है खास।

तेरे साथ से विरानी भी गुलशन में तबदील हो गई,

तेरे साथ से मेरी हर मुश्किल आसान हो गई।

तेरे आने से जगमग हो उठा मेरा आंगन,

खुशी से रोशन हो गया मेरा तन मन।

जैसे मेरा हर दिन दीवाली हो गया,

तू गालों की लाली बन के मेरे जीवन में छा गया।



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