विपदाओं भरा साल 2020
विपदाओं भरा साल 2020
डूब रहे गंगा के मैदान , टूट रहे पहाड़
दर्जनों राज्यों को हलकान करता बाढ़
घर से बेघर हो गए देखो लाखों परिवार
आखिर कब तक बदहाल करेगा बाढ़ ?
ये कैसा विनाश का मंजर आया है
कोरोना और बाढ़ ने हाहाकार मचाया है
जनता त्रस्त,सत्ता परिवर्तन कर दिखाया है
वर्ष 2020 क्या विपदाओं भरा साल आया है ?
पूरा विश्व, अदृश्य शत्रु कोरोना से बेहाल है
आखिर कब थमेगा ये मंजर सबसे बड़ा सवाल है
बादल फट रहे,तड़ित लपके, पहाड़ दरक रहे
मधुर पूछे क्या वर्ष 2020 विपदाओं का साल है ?
पालघर में संतों को मौत के घाट उतारा जाता है
कोरोना योद्धा व सेना को पत्थरों से मारा जाता है
नहीं भुला हूँ मैं लाखों मजदूरों का मीलों पैदल चलना
पाक के साथ नापाक चीन भी अब आँख दिखाता है।
