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Madhu Vashishta

Action Inspirational

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Madhu Vashishta

Action Inspirational

वही सुखी रहा

वही सुखी रहा

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जिसने अपना मूल्यांकन किया, 

वही सुखी रहा। 

दूसरे को देख देख, जो खुद को हीन समझ रहा, 

ईर्ष्या में जल रहा,

जीवन के हर मोड़ पर वह अवसाद ग्रस्त ही रहा।

जिसने किया स्वयं का मूल्यांकन, 

अपने अवगुणों को दूर करा।

स्वयं में ही संतुष्ट रहा। 

अपना ही नहीं केवल,     किया दूसरों का भी भला। 

ईर्ष्या द्वेष में नहीं जला।

स्वयं से की प्रतियोगिता 

और हर दिन ही आगे बड़ा।

बस वही खड़ा मुस्कुरा रहा। 

प्रत्येक दिन आगे बढ़ता जा रहा। 



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