STORYMIRROR

Niraj Pandey

Romance

4  

Niraj Pandey

Romance

वादा निभाओगी ना

वादा निभाओगी ना

1 min
571

सर्दियों के बाद का वादा था निभाओगी ना 

आखिरी बार मिलन की ख्वाहिश है आओगी ना 


बस देखने की हरसत है जी भर कर तुमको 

श्रृंगार से अपने ये दिल धड़काओगी ना


सुना है उठेगी डोली इस अप्रैल में तुम्हारी 

हाथों की मेहंदी में मेरा नाम लिखवाओगी ना 


रुसवा नही करेंगे तुमको जमाने के सामने 

पर तुम भी सबसे ये बातें छुपाओगी ना 


माना नही जानता कोई हम दोनों के बारे में 

पर डी जे पर पियवा से पहिले हमार रहलु सुन पाओगी ना


काट लेंगे हम तो ये दिन जैसे तैसे 

पर तुम हमारे बिन बोलो रह पाओगी ना 


सुना है दुवाओं में बहुत असर होता है 

दर उसके जाकर मेरी सिफारिश लगाओगी ना 


अब इस जन्म में तो दूर हो गई हो हमसे 

पर अगले जन्म में तो घर मेरे ही आओगी ना.


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance