STORYMIRROR

Stuti Srivastava

Abstract Inspirational

4  

Stuti Srivastava

Abstract Inspirational

ऊँचे आकाश में उड़ना है

ऊँचे आकाश में उड़ना है

1 min
229

दुनिया है झूठी फरेबी बड़ी,

मुझको है चलना अकेले यहीं,

ख़ुद पर भरोसा और आशाएं हैं संग,

ज़िंदादिल दिल हूँ यही उमंग

हौसले हैं मेरे आसमां से बुलंद,

ऊँचे आकाश में उड़ना मुझे,

ऊँचे आकाश में उड़ना मुझे।


बेटी हूँ मैं बेटा कहकर

अस्तित्व छुपाना नहीं,

बेटी कहकर सताना नहीं,

मन है ये ज़िद्दी आशाएं हैं संग,

ज़िंदादिल हूँ यही उमंग

हौसले हैं मेरे आसमां से बुलंद,

ऊँचे आकाश में उड़ना मुझे,

ऊँचे आकाश में उड़ना मुझे।


अँधियारा बहुत घनघोर यहाँ,

हो जाती हूँ बेचैन ज़रा,

लंबी है राहें और साँसे हैं कम,

पर मन हैं ये ज़िद्दी आशाएं भी संग,

इन राहों में चिराग बन करूँगी

आवाज़ बुलंद,

ऊँचे आकाश में उड़ना मुझे,

ऊँचे आकाश में उड़ना मुझे।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract