उसके जाने के बाद
उसके जाने के बाद
सूरज की चमक हो गयी फीकी
पंछियों ने चहकना छोड़ दिया,
अधखुली अँखियाँ जो देखती थीं
हथेलियों पर उसका नाम,
सिर्फ लकीरें नज़र आती है अब
उसके जाने के बाद...
दिन भर की गहमागहमी में ,
हसरत थी एक आहट की,
एक सन्देश जो लाता था ,
उमंगें ,गुनगुनी सी शरारतें,मुस्कुराहटें,
अब मोबाइल ने चुप्पी साध ली ,
उसके जाने के बाद.....
शाम होते ही वो मिलने की ललक
सुबह से होने लगे इंतजार शाम का
कब शाम गहराकर हो गयी रात
और भीगता रहा तकिया,
अगली स्याह सुबह तक,
उसके जाने के बाद.....
उसने कहा खुश रहो,
मैंने माना उसका हर कहा,
मुस्कुराह्ते बदल गयीं है खिलखिलाहटों में
कुछ गम सिर्फ मुस्कुराने से नहीं छुपते
उसके जाने के बाद।

