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ललित सक्सैना

Romance Classics

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ललित सक्सैना

Romance Classics

उस हद तक

उस हद तक

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इश्क रूह का एहसास बन जाए जब

उस हद तक मोहब्बत करता हूं


इश्क जीने का मकसद बन जाए जब

उस हद तक मोहब्बत करता हूं


इश्क सांसों में बस जाए जब

उस हद तक मोहब्बत करता हूं


इश्क ही इबादत बन जाए जब

उस हद तक मोहब्बत करता हूं।


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